लालची इंसान की कहानी - जादुई मटका - Lalchi insan - amjoys - हिंदी कहानीया

Latest

इस वेबसाइट पर आपको बहोत सारी कहानिया पढ़ने के लिए मिल जाएगी जैसे की ,बच्चो की कहानी,प्यार वाली कहानी,भूतो वाली कहानी और ढेर सारी कहानिया|

Monday, November 11, 2019

लालची इंसान की कहानी - जादुई मटका - Lalchi insan

लालची इंसान की कहानी (Lalchi insan )

हेलो दोस्तो आज मैं आपके लिए बहुत ही अच्छी लालची इंसान की कहानी (Lalchi insan )लेकर आया हूं आपको पढ़ कर मजा आ जाएगा  और आप यह कहानी पढ़कर कभी लालच नहीं करोगे।

लालची इंसान की कहानी ( Lalchi insan ) start 

 तो यह कहानी है एक जादुई मटके की लेकिन कहानी की शुरुआत होती है रामू नाम के इंसान से बड़ा ही अच्छा इंसान था राम का पूरा दिन खेतों में चला जाता था रामू पेशे से किसान था,रामू के घर में उसकी पत्नी और उसके दो बच्चे साथ रहते थे मतलब कि रामू के घर में रामू को  मिलाकर कूल चार इंसान रहते थे।
  फिर अगले दिन सुबह रामू अपने खेत  की ओर निकलता है और काम करने लगता है फिर धीरे-धीरे दोपहर होती है और राम की पत्नी खेत में खाना लेकर आती है फिर दोनों एक पेड़ के नीचे बैठकर खाना खाते हैं, फिर  रामू की पत्नी वहां से चली जाती है और रामू फिर से काम करने लगता है फिर  रामू पूरा दिन पर खेत मैं काम करके  घर वापस लौटता है और साथ में सब लोग रात का भोजन करते हैं और सो जाते हैं।
greed,लालची इंसान की कहानी (Lalchi insan)
लालची-इंसान-की-कहानी-(Lalchi-insan)  RAMU

 यही रामू की रोज की दिनचर्या थी फिर दूसरे दिन  रामू वापस खेत गया और काम करने लगा धीरे-धीरे दोपहर हुई और राम को याद आया कि  कल तो मुझे खेतों में बहुत ही काम है कल मुझे  खेत जल्दी से जाना पड़ेगा, तभी वहां रामू की पत्नी रामू   के लिए खाना लेकर आती है रामू बोला अरे सुनो कल मुझे खेतों में बहुत काम है इसलिए मैं कल खेत जल्दी से आ जाऊंगा तू मुझे कल जल्दी से जगा देना, रामू  की पत्नी बोली ठीक है मैं आपको कल जल्दी से जगा दूंगी फिर दोनों दोपहर का खाना खाते हैं,खाना खा लेने के बाद रामू  की पत्नी वहां से चली जाती है, और रामू फिर से खेतों में अपना काम करने लगता है काम करते-करते रामू को फिर से याद आया कि कल तो मुझे खेतों में बहुत ही  काम है इसलिए आज मैं घर जल्दी से चला जाता हूं  और जल्दी से खाना खाकर सो जाता हूं।
 फिर रामू खेत से अपने घर की और जल्दी से निकल जाता है और घर पर पहुंचते ही रामू अपनी पत्नी से कहता है कि आज मुझे तुम जल्दी से खाना दे दो क्योंकि कल मुझे खेतों में थोड़ा ज्यादा काम है इसलिए कल मुझे खेत में सवेरे जल्दी से जाना है यह सुनकर रामू की पत्नी बोली मुझे पता है आपको कल खेत जल्दी से जाना है इसलिए मैंने आपके लिए जल्दी से खाना बनाकर ही रखा है आप हाथ-मुंह  धो लीजिए मैं आपको खाना पिरस  देती हूं।

हँसा-हँसा कर रुला देंगी ये कहानी आपको एक बार जरूर पढ़िए|

 फिर रामू हाथ-मुंह धोकर खाना खाने के लिए बेसता है और खाना खाकर जल्दी से सो जाता है।
फिर अगले दिन रामू सुबह जल्दी से खेत में जाने के लिए निकलता है तभी रामू को रास्ते में उसके मोहन चाचा मिलते हैं रामू को देखकर मोहन चाचा बोले अरे रामू बेटा इतनी सुबह-सुबह कहां जा रहे हो, रामू बोला आज मुझे खेत में ज्यादा काम है इसलिए मैं आज जल्दी से खेत में जा रहा हूं मोहन चाचा बोले ठीक है लेकिन तुम मेरा एक काम करोगे रामू बोला चाचा मैंने आपको कहा ना मुझे आज खेतों में बहुत ही काम है,यह सुनकर मोहन चाचा बोले अरे क्या जब हम तुम्हारी उम्र के थे तब सारा काम हमारे सिर पर उठा लेते थे, और तुमने मेरा एक छोटा सा काम करने से मना कर दिया यह सुनकर रामू थोड़ा सा इमोशनल हो जाता है और बोला कि बोलिए चाचा जी आपको मेरी क्या मदद चाहिए।

 मोहन चाचा बोले मुझे यह लकड़ीया काटनी है तुम मुझे काट कर दोंगे,रामू बोला ठीक है मैं आपको  यह सारी लकड़िया  काटकर देता हूं फिर अपने खेत जाऊंगा,यह सुनकर मोहन चाचा बोले बेटा तुम्हारा धन्यवाद, रामू बोला अरे चाचा  इसमें धन्यवाद केसा,अब आप घर जाइये मैं आपकी सारी लकड़ियां काट दूंगा फिर मोहन चाचा अपने घर चले जाते हैं और रामू मोहन चाचा की लकडिया काटने  लगता है।
और अंत में रामू ने मोहन चाचा की सारी लकड़िया काट दी,और अपने खेत की ओर चलने लगता है और खेत पर पहुंचते ही रामू को एक मटका पड़ा हुआ मिलता है|
 रामू मटके को देखकर बोला अरे यह क्या है खेत में मटका मेरा तो नहीं है चलिए देखता हूं किसका है फिर रामू मटका उठाता है और ठीक से देखता है तभी रामू की नजर मटके के अंदर पड़ती है, और रामू मटके के अंदर एक चिट्ठी देखता है रामू वह चिट्ठी तुरंत उठा लेता है और पढता है कि।
pot,लालची इंसान की कहानी (Lalchi insan)
लालची-इंसान-की-कहानी-(Lalchi-insan) POT

“ इस मटके में से अब जितने चाहे उतने सोने के सिक्के निकाल सकते हैं लेकिन शर्त यह है कि आप जितने भी सिक्के निकाल लोंगे आपकी उम्र उतनी ही कम होती चली जाएगी,
मतलब की एक सिक्का= 1 दिन उम्र कम”।

प्यार में धोखा - रुला देने वाली प्यारकी कहानी|

रामू को यह पढ़कर लगा कि कोई मेरे साथ मजाक कर रहा है ऐसा थोड़ी ना होता है एक सिक्का= 1 दिन उम्र कम, फिर रामू सोचता है कि कोई मेरे साथ मजाक  क्यों करेगा लाओ ना एक बार में TRY करके देखता हूं शायद सच में सोने का सिक्का बाहर आ जाए।
फिर रामू मटके से कहता है कि मुझे एक सोने का सिक्का चाहिए तुम मुझे ला कर दो,तभी उस मटके में से एक सोने का सिक्का निकल कर आता है यह देखकर रामू चौक जाता है और मन में बोलने लगता है कि अरे बाप रे यह क्या है यह तो सच में सोने का सिक्का बहार आ गया फिर रामू सोचने लगा कि आज मुझे खेत में बहुत काम भी है और यह मटका भी मिल गया क्या करूं पहले इस मटके को घर रख कर आउ या खेत में काम करके मटके को साथ में घर ले जाऊ रामू 5 से 10 मिनट  सोचता होता है,
फिर रामू ने फाइनली सोच लिया कि मैं पहले इस मटके को अपने घर रख कर आता हूं।

फिर रामु अपने घर की और निकलता है,तभी रामो को उसका दोस्त शयाम मिलता है,श्याम,रामु के हाथ में मटका देखकर बोला अरे क्या रामु खेत छोड़ कर मटका बेचने का धंधा शरू किया क्या,ये बोलके श्याम जोर जोर से हँसने लगता है,ये देखकर रामु बोला अरे श्याम मेने कोई मटके-भटके का धंधा शरू नही किया,मुझे तो यह मटका मेरे खेत में पड़ा हुआ मिला और तुम्हे एक में राज़ की बात बताऊ,ये सुनके श्याम तुरंत बोला हां बताओ ना,
रामु बोला लेकिन तुम ये बात किसीको बताना मत,श्याम बोला थिक है में ये बात किसीको नहीं बताऊंगा,तुम मुझे जल्दी से राज़ की बात बताओ।
रामु बोला ये मटका जादुई मटका है,इस मटके में से हम जितने चाहे उतने सोने के सिक्के निकल सकते है,ये सुनके श्याम और जोर-जोर से हँसने लगता है,हँसते-हँसते श्याम बोला अरे वाह रामु सुबह-सुबह क्या बढ़िया सा jokes मारा एक और jokes मारना please,
रामु बोला ये jokes नही है,सचमे इस मटके में से सोने के सिक्के निकलते है,और मुझे यह मटके मेसे एक चिठ्ठी भी मिली है,लो पढ़ो तुम,
फिर श्याम वो चिठ्ठी पढता है,की।

आत्मा वाली कहानी - बहुत ही खतरनाख भूतो की कहानी एक बार जरूर पढ़े|

“ इस मटके में से अब जितने चाहे उतने सोने के सिक्के निकाल सकते हैं लेकिन शर्त यह है कि आप जितने भी सिक्के निकाल लोंगे आपकी उम्र उतनी ही कम होती चली जाएगी,
मतलब की एक सिक्का= 1 दिन उम्र कम”।

ये चीठी पढ़कर श्याम के मनमे थोड़ी सी लालच आयी,और श्याम,रामु को बोला अरे रामु इस चीठी में तो लिखा है कि हम इस मटके में से अब जितने चाहे उतने सोने के सिक्के निकाल सकते हैं,ये सुनके रामु बोला में तो तुमको कबसे बता रहा था,लेकिन तुम मजाक समाज रहे थे।
लेकिन तुमने शर्त पढ़ी,एक सोने का सिक्का = एक दिन उम्र कम,श्याम बोला हा मेने पढ़ी ये शर्त,और एक दिन उम्र कम हो जाए उसमे कोनसी बड़ी बात है।
श्याम बोला,रामु तुम कहो तो में एक बार try मारके देखु,सोने का सिक्का निकल रहा है,की नही,रामु बोला अरे कोई बात नही मार्लो try, फिर श्याम मटके को कहता है,की मुझे एक सोने का सिक्का चाहिए,तुम मुझे लाकर दो,श्याम के इतना बोलते है,उस जादुई मटके से सोने का सिक्का निकलता है।
ये देखकर श्याम चोक जाता है,और रामु को बोलने लगा की रामु ये देखो,सचमे सोने का सिक्का निकला इस मटके में से,रामु बोला मुझे तो पता ही है। मेंरी बात पर तुम यकीन नही कर रहे थे,अब यकीन हुआ,श्याम बोला हा रामु मुझे अब यकीन हो गया कि ये जादुई मटका है।

जीवन में कुछ बड़ा करना है तो ये कहानी पढ़िए|

फिर श्याम,रामु को बोला रामु तुम ये मटका मुझे देदो,इस मटके के लिए में तुम्हे 50 सोंने के सिक्के दूंगा।रामु बोला ठीक है,आज से ये मटका तुम्हारा,और तुम मुझे 50 सोंने के सिक्के देदो,फिर श्याम,रामु को 50 सोंने के सिक्के दे देता है,और श्याम वहाँ से चला जाता है।
फिर रामु भी सोचने लगता है कि अबतो मेरे पास मटका है,नही अब घर जाकर क्या फ़ायदा चलो वापस अपने खेत आज इस मटके के चक्कर में कुछ काम भी नही हुआ।
फिर रामु वापस अपने खेत चला जाता है,और काम करने लगता है,
तभी वहाँ रामु की पत्नी रामु के लिए खाना लेकर आई,और दोनों खाना खाने बैठ गए,रामु खाना खाते-खाते उसकी पत्नी को उस जादुई मटके की पूरी कहानी बताता है,ये सुनके रामु की पत्नी अब उस मटके का श्याम भाई क्या करेंगे,रामु बोला वो श्याम उस मटके का जो भी करे लेकिन हमारा पीछा तो छूटा,रामु की पत्नी बोली हा हमारा पीछा तो छुटा उस मटके से।
अब चलिये में घर जाती हूं,आप शाम को जल्दी से घर आ जाना आज रातको में आपकी पसंद का खाना बनाउंगी,रामु बोला अरे वाह अब तो शाम को जल्दी से आना ही पड़ेगा।
अब श्याम तो ख़ुशी पागल हुआ था,उस जादुई मटके को देखकर,श्याम ने अपने पूरे परिवार को बता दिया की ये मटका सोंने का सिक्का देता हूं,फिर श्याम एक के बाद एक सोंने के सिक्के निकलने लगता है,और धीरे-धीरे श्याम के जुपड़े में से एक बड़ा सा महल बन गया,लेकिन श्याम की उम्र भी कम होती जा रही है।
क्योकि उस मटके की शर्त थी की 1 सोने का सिक्का = 1 दिन उम्र कम।
इसलिए श्याम जल्दी बुढ्ढा होता जा रहा था,और श्याम को बहुत बीमारिया भी होनी शरू हो गई थी।

जादुई तोता - बहुत ही अच्छी मोरल कहानी|

फिर श्याम के घर कुछ महेमान भी आने लगे और उसके सम्पति की तारीफ़ करने लगे,लेकिन महेमान श्याम को देखकर बोले अरे श्याम अभी तो तुम सिर्फ हमारी उम्र के हो,और अभी तुम्हारे सिर पर सफ़ेद बाल आ गए,और तुमहे इतनी सारी बीमारिया भी हो गयी,श्याम ये सब बातें सुन लेता था,क्योकि उसको पता है कि गलती उसकी ही है,ऐसा बहोत दिनों तक चलता है।
फिर एक दिन रामु श्याम के घर पर चक्कर मारने जाता है,रामु बोला अरे श्याम कहा हो तुम,फिर श्याम बहार आता है,जैसे ही रामु ने श्याम को देखा वैसे रामु चौक जाता है,और बोलता है,की अरे श्याम ये क्या हो गया तुजे अभी तो तेरी उम्र मेरी जितनी है,और इस उम्र में तुजे सिर पर सफेद बाल और तू इस लकड़ी है,सहारे चल रहा है,हुआ क्या तुजे।
श्याम निराश होते हुए बोला ये सब उस जादुई मटके ने किया है,रामु बोला मुझे कुछ समझ नही आया तुम मुझे विस्तार पूर्वक समजाओ।
श्याम बोला मेने उस जादुई मटके से अपनी सम्पति तो बनाली लेकिन मेरी सेहद गवा दी,में वो शर्त भूल गया था कि,
1 सोंने का सिक्का = 1 दिन उम्र कम।
और इस तरह मेरी उम्र घट गयी और में इतना बुढ्ढा और मुझे इतनी सारी बीमारिया हो गयी,कुछ करो रामु कुछ करो,please मुझे बचालो,मुझे फिरसे पहले जैसा बनादो।
रामु बोला ठीक है में कुछ करता हूं,तुम पहले रोना बंध करो,
वि जादुई मटका कहा है,मुझे लाकर दो,श्याम बोला दो मिनट अभी में वो जादुई मटका लेकर आता हूं,फिर वो जादुई मटका श्याम,रामु को देता है।

दो दोस्तों की सच्ची कहानी|

रामु,श्याम से वो जादुई मैक उठाता है,और बोलता है,तूने मेरे भाई जैसे दोस्त को बुढ्ढा कर दिया,और तुमने श्याम को बहोत बीमारिया भि दी है,अब में तुम्हे तोड़ दूंगा।
इतना कहकर रामु उस जादुई मटके को तोड़ देता है,जैसे ही जादुई मटका टुटा वैसे ही श्याम पहले की तरह जवान हो गया,ये देखकर श्याम ख़ुशी से उछल पड़ता है,और रामु को धन्यवाद देता है,श्याम,रामु को कहता है,की में उस सोंने के सिक्के के लालच में आ गया था,इसीलिए मेने ये गलती करदी,अब से में किसी भी प्रकारकी लालच नही करूँगा।
मुझे पता चल गया है,की पैसो से सब ख़रीदा जा सकता है,लेकिन हमारी health नही खरीदी जा सकती,thank you रामु,thank you.
रामु बोला इसमें thank you कैसा ये तो मेरा फर्ज था,एक दोस्त के नाते,लेकिन मेरी एक बात याद रखना,
अपनी महेनत और अपनी ईमानदारी से कमाये हुए पैसे ही हमको सुकून की नींद सुला सकता है,और हम उस पैसे का आनंद भी उठा सकते है,समजे अब।
श्याम बोला में सब समझ गया,आज से में किसी भी प्रकारकी लालच नही करूँगा।रामु बोला हमारे बड़े बुजुर्ग ऐसे ही कहकर नही गए की "लालच बुरी,बला है"।

और दोस्तों में आपसे भी कहना चाहता हु,की कभी भी किसी भी चीज की लालच न करे,क्योकि लालच बुरी बला है,जो भी लालच करता है,उसकी पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है।
और ऐसे ही हमारी जादुई मटके की कहानी ख़त्म होती है,अगली कहानी में फिर मिलूंगा तब तक के लिए "अलविदा "

उम्मीद करता हु,की आपको ये कहानी पसन्द आयी होगी,अगली पोस्ट में हमारी आपके साथ फिरसे मुलाकात होगी तब तक के लिए,दूसरी कहानिया पढ़ते रहिये,और मजे करते रहिए।

और अंत में कुछ लालच से भरे सुविचार भी लिखना चाहूंगा,एक बार जरूर पढ़ियेगा।

- > मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं – महात्मा गाँधी

- > काम का आलस,और पैसो का लालच हमे कभी महान बनने नही देता।

- > पैसे का मोह रखो,पैसे की लालच नही।

- > दुनिया में लालच से भयानक और कुछ भी नहीं है |

- > लालच कभी संतुष्ट और सुखी नहीं बनने देता।

- > दान देना एक ऐसा गुण है जिसके द्वारा लालच रुपी अवगुण का अंत किया जा सकता हैं।

- > लालच अमीर को भी गरीब बना देता हैं।

- > इतिहास को कभी भी देखों तो तुम्हें पता चलेगा कि लालच का फल बुरा ही होता हैं।

- > किसी वस्तु की प्राप्ति न होने पर यदि आप दुखी है तो भी आप के अंदर कहीं न कहीं लालच ने जन्म ले लिए है।

- > लोभी को पूरा संसार मिल जाए तो भी वह, भूखा रहता है, लेकिन संतोषी का पेट, एक रोटी से ही भर जाता है।

                           कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद

No comments:

Post a Comment