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Tuesday, October 8, 2019

एक गरीब की कहानी - inspirational stories

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Hello Dosto, आज में आपकर लिए बहोत ही बढ़िया inspirational stories लेकर आया हु।
मेरा यकीन मानिए आपने एक बार ये पूरी post पढ़ डाली तो में आपको guarantee
देता हूं कि आप जो भी काम करेंगे उसमे आप अपना 100% ध्यान देंगे।

ये कहानी पढ़ने के बाद आपके मन मे और कोई daut भी नही होंगा।
तो चलिए आप कहानी पढ़ना शरू कीजिये।

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तो ये कहानी है एक गाँव के लड़के की।उस लड़के का नाम था हितेश,एक दम से साधारण लड़का था,लेकिन वो बहुत ही गरीब था।
उसके घरमे गरीबी इस हद तक आ चुकी थी कि
कभी-कभी हितेश और उसके परिवार को बिना खाये ही सो जाना पड़ता था। हितेश ने गरीबी
बहोत ही कम उम्र में बहोत ही नजदीकी से देख ली थी।
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फिर हितेश को लगा कि अब में पढ़ाई कर ही नही सकता मुझे कुछ न कुछ काम ढूंढना ही होंगा।फिर हितेश अपनी school की पढ़ाई छोड़ कर काम ढूंढने निकल जाता है।और बहोत महेनत करने के बाद भी हितेश को कहि पर काम नही मिला और वो अपनी आखरी उम्मीद लेकर एक builder के पास गया और बोला ओ शेठ क्या आप मुजे काम पर रख सकते है,मुजे पैसे की सख्त जरूरत है,वो शेठ बोला अरे तुम तो अभी इस काम को करने के लिए बहोत ही छोटे हो,अभी तुम्हारी उम्र पढ़ाई-लिखाई करने की है।

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ये सुनके हितेश बोला शेठ " किस उम्र तक पढ़ा जाए,और किस उम्र में काम किया जाए,ये हमारी उम्र नही घरकी परिस्थितिया नक्की करती है"।
ये सुनके वो शेठ की आखों में से आंसू आ गये और बोले,रुको में तुम्हे काम दूंगा लेकिन मेरी एक शर्त है।हितेश बोला क्या है शर्त,वो शेठ बोला तुम यहाँ पर काम भी करोंगे और साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी करोंगे, और तुम्हे मुझसे वादा करना होगा कि तुम कभी अपनी पढ़ाई अधूरी नही छोड़ोंगे।हितेश ये सुनके खुश हो जाता है,और वो शेठ से वादा करता है कि में अपनी पढ़ाई कभी आधी नही छोडूंगा।
वो शेठ बोले अब तुम कल से काम पर आ जाना।

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फिर ये बात हितेश अपने परिवार को बताता है,ये बात सुनते ही हितेश के मम्मी-पापा बहुत ही खुश हो जाते है।
फिर दिन बीतते जा रहे थें, धीरे-धीरे कुछ साल भी बीत गए और ऐसे करते करते हितेश अपना graduation भी पूरा कर लेता है,हितेश ने civil engineer की degree प्राप्त की थी।
फिर हितेश उस शेठ के साथ permanent काम पर लग जाता है।
हितेश का promotion भी हुआ था,और वो अपनी life से बहोत ही खुश था।

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धीरे-धीरे दिन बीतते जा रहे थे,और अब दिवाली आने वाली थी,हितेश ने सोचा कि में इस दिवाली 2 महीने की छुट्टी लूंगा,अभी शेठ से बात करता हूं।
फिर हितेश शेठ से बात करता है,और बोलता है कि शेठ मुजे 2 महीने की छुट्टी चाहिए।शेठ बोला नही मिल सकती तुम्हे छुट्टी तुम्हे एक बड़ा सा प्रोजेक्ट करना है,उस प्रॉजेक्ट को पूरा करने के बाद तुम 2 महीने की छुट्टी अवश्य ले सकते हो।
ये सुनके हितेश निराश हो जाता है,और बोला बोलिये शेठ कोनसा प्रोजेक्ट मुजे पूर्ण करना है।
शेठ बोले अभी तुम मुम्बई जाओ,वहा एक अच्छी जगह पसंद करो और वहा एक फ्लैट बनाना रहने के लिए।हितेश बोला ठीक है शेठ में आज ही मुम्बई के लिए निकल जाता हूं।

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फिर हितेश निराश होकर मुम्बई जाता है,और एक जैसी तैसी जगह ढूंढ कर फ्लेट बनाने का काम शरू करता,हितेश इतना उत्साही नही था फ्लेट बनाने में क्योकि उसको उसके शेठ ने छुट्टी के लिए मना कर दिया था इसलिए वो जैसे-तैसे अपने फ्लैट का प्रोजेक्ट पूरा करता है।और वापस अपने शहेर उस शेठ पास जाता है,और बोलता है,की शेठ मेने अपना फ्लेट वाला प्रोजेक्ट finish कर दिया है,अब तो में छुट्टी ले सकता हु ना।

शेठ बोले अवश्य तुम छुट्टी ले सकते हो लेकिन उससे पहले में तुम्हे एक Good News सुनाना चाहता हु।हितेश खुशी से बोला क्या Good News सुनाना चाहते है,सर जल्दी सुनाइये।

शेठ बोले जो तुम्हे वो मुंम्बई में फ्लैट बनाया है,वो तुम्हारा खुदका ही फ्लेट है।ये सुनके हितेश चौक गया।शेठ बोले अरे हितेश क्या हुआ तुजे इतना क्यों चोक गया।
फिर हितेश बोला कुछ नही शेठ थोड़ा सा ज्यादा सा खुश हो गया था।शेठ बोले अब तुम 2 महीने की छुट्टी पर जाओ ऐश करो।

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हितेश अब पहेले से ज्यादा दुखी हो गया,क्योकि उसने जो मुम्बई में फ्लेट बनाया था वो फ्लेट हितेश ने ठीक से नही बनाया था,और बो जगह भी जैसी-तैसी थी।

फिर हितेश को एक बात समझ मे आ गयी।
की हमे कोई भी काम पूरे junoon और पूरे josh के साथ करना चाहिए,में तब वो फ्लेट पूरे जुनून के साथ बनाता तो वो फ्लेट से आज में बहोत ही खुश होता।
कोई बात नही दूसरी बार से में हर काम पूरे जुनून से ही करूँगा,वादा है ये मेरा अपने आप से।

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तो फिर ऐसे ही हमारी inspirational stories खत्म होती है।
और आप भी अपने आप से वादा कीजिये कि में भी अपने हर काम मे अपना 100% दूंगा।
चाहे वो काम पढ़ाई हो या कोई और।

फैला दीजिये इस आर्टिकल को हर जगह,share कर दीजिए अपने दोस्त,अपने परिवार को।

अगली post में फिर मिलूंगा तब तक के लिए "अलविदा"

                        *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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