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Thursday, September 12, 2019

motivational story in hindi || बहोत ही अच्छी कहानी

short motivational stories in hindi with moral

हेलो दोस्तो,आपका स्वागत है हमारे ब्लॉग में आज में आपके लिए एक motivational कहानी लेकर आया हु,जिसे पढ़कर आप हर 
मुसीबत का सामना आराम कर सकेंगे।
तो देर किस बातकी चलिए पढ़ना शरू कीजिये।

motivational kahani in hindi start

तो ये कहानी हैं, दो लड़के की दोनो बड़े होकर अपने जीवन मे कुछ बड़ा करना चाहते थे,मतलब की अपने हर सपने पूरे करने चाहते थे।गाड़ी,पैसे,बैंक बैलेंस और इज्जत सब कुछ कमाना चाहते थे।
एक लड़के का नाम था हितेश और दूसरे लड़के का नाम था मयूर।दोनो पक्के दोस्त थे,और दोनो का एक सपना कॉमन था,की अगर हम पैसे और,बैंक बैलेंस नही बना सके तो कोई बात नही लेकिन हम दोनों 28 साल की उम्र में एक BMW Car जरूर लेंगे।
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फिर दोनो अपनी पढ़ाई में जम कर Focus करने लगते है।और दोनो रातको BMW car की आवाज निकाला करते थे,और बोलते थे,की ये देखो मुझे BMW car मिल गई,ऐसा-ऐसा
दोनो सोचने लगे गए।

पहले का जीवन केसा था,और आज का जीवन केसा है एक बार जरूर पढ़े|

दोनो के मनमे अपने जीवन का सिर्फ एक ही लक्ष्य था कि मुझे हर हाल में ,में जब 28 साल का हो जाऊंगा तब मुझे BMW Car अपने दम पर चाहिए ही चाहिए।
दोनो जम कर महेनत करने लगते है,और रातको सोते वक्त BMW कार की आवाज निकालते थे (वो दोनो रातको BMW car की आवाज इसीलिए निकालते थे,क्योकि उस दोनो ने कही पर पढ़ा था कि,अगर हमें अपने सपने पूरे करने है,तो पूरे दिन उसी चीज को याद करो जो चीज हमे चाहिए ही चाहिए,और ये सोचने लगो की हमे वो चीज मिल गई।
आपने भी ऐसी बाते सुनी होगी,में ये नही कह रहा कि ये बात जूठी है।में इतना कह रहा हु की पूरा दिन उस चीज को सोचने से वो चीज हमे नही मिल जाएगी,उसके लिए हमे महेनत करनी पड़ेगी।बिस्तर से नफरत करनी होगी।)
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फिर उसमें से एक लड़का यानी कि हितेश एक दिन अपने पिता के साथ किसी गाँव मे घूमने जाते है,और रातको हितेश और हितेश के पापा दोनो खाना खाने के लिए एक होटल में जाते है,और कुछ  खाने के order करते है।
फिर waiter खाना लेकर आता है,और हितेश और हितेश के पापा खाना,खाना शरू करते है।
और अचानक ही हितेश के पापा को heart में दुःखने लगता है,हितेश के पापा ने ये बात हितेश को नही बताई क्योकि उनको लगा कि ये बात normal है, अभी ठीक हो जाएगा।
लेकिन ऐसा नही हुआ,हितेश के पापा देखते ही देखते chair पर से नीचे गिर जाते है।

हितेश बोलने लगा क्या हुआ पापा,क्या हुआ आपको हितेश के पापा बोले मुझे जरा heart में दुख रहा है, हितेश बोला कोई डॉक्टर को बुलाओ,और रोने लगता है,तभी वहाँ के होटल का waiter बोला की सर यहाँ पर कोई डॉक्टर नही है, क्योकि वो एक छोटा सा गाव था।
Waiter बोला कि सर आपके पापा को इस गाँव से बाहर ले जाना पड़ेंगा तभी ही आपको डॉक्टर मिलेंगे।

प्यार वाली कहानी बहोत ही sad कहानी एक जरूर पढ़े|

ये सुनके हितेश रोने लगता है,तभी वहाँ पर एक इंसान आया और बोला चलिए मेरे पास गाड़ी है,जल्दी से आप अपने पापा को मेरे गाड़ी में बेसा दीजिये,में शहेर ही जा रहा हु,में आपको city hospital छोड़ दूंगा।चलिए जल्दी,फिर हितेश और हितेश के पापा दोनो उस इंसान की गाड़ी में बैठ जाते है,और शहेर के city hospital पहोच जाते है,और तुरन्त ही हितेश अपने पापा को हॉस्पिटल में admit करवा देता है,डॉक्टर check up शरू करते है।
और कुछ देर बाद डॉक्टर बहार आते है,हितेश ने डॉक्टर से पूछ क्या हुआ, डॉक्टर साहब अब मेरे पापा कैसे है।
डॉक्टर शर्मिदा होकर बोले sorry हितेश Your father is no more,आप शायद अपने पापा को 10 मिनट पहेले लाते तो कुछ हो सकता था।
फिर हितेश बहोत ही रोता है।

और अपना लक्ष्य बदल लेता है,उसका लक्ष्य था कि मुझे 28 साल में BMW car लेनी थी,अब कोई car नही लूँगा, में एक अच्छा सा heart सर्जन डॉक्टर बन कर ऐसे छोटे-छोटे गाँव मे सबकी मदद करूँगा।
लेकिन जो मयूर था,वो तो अभी भी उस BMW car के सपने में ही खोया हुआ,था और रातको BMW car की आवाज निकला करता था।
लेकिन हितेश अब बदल चुका था,वो रातको BMW कार की आवाज नही निकलता था,क्योकि उसको बड़ा होकर सबकी मदद करनी थी,और उसका goal निश्चय था।
Goal निष्चय तो मयूर का भी था,लेकिन उसको तो सिर्फ BMW कार की लेनी थी।
मान लीजिए कि मयूर को 28 साल की उम्र में BMW कार अपने दम पर खरीद लेता है।
क्या BMW कार खरीदने के बाद मयूर के मनमे और लालच नही आएगी की अगर में 28 साल में अपने दम पर BMW कार खरीद सकता हु तो क्या में आने वाले दो साल में अपना एक बंगला नही खरीद सकता।

हँसा हँसा कर पागल कर देंगी ये कहानी एक बार जरूर पढ़े|

मतलब समजे आप मयूर की लालच दिन ब दिन बढ़ती जाती है।
और आप ये मान लीजिए कि मयूर को 28 साल की उम्र में BMW कार नही ले सका।
लेकिन अपने दम पर उसने एक bike खरीद ली।अब आप बताइए मयूर खुश होगा या नही।
बिल्कुल भी खुश नही होगा,क्योकि वो बचपन से ही BMW कार का सपना देख रहा था, लेकिन उसको कार नही मिली कार के बजाय,एक बाइक मिली इसी लिए वो दुःखी हो जाएगा, और उसकी life में डिप्रेशन आने लगता है।
मयूर ये नही सोचता कि मुझे BMW कार नही मिली तो कोई बात नही मेने अपने दम पर एक बाइक तो खरीद ली।
दोस्तो एक बात याद रखिये,अपने पापा की BMW कार चलाने पर घमंड मत करिए।आपको घमंड करना ही है,तो इस बात का करो कि आप अपने पापा को अपने दम पर एक bike भी दिलाओ,और आपके पापा बाजार में बोले कि ये बाइक मेरे बेटे ने मुझे दिलाई है,इस घमंड करो।(वैसे घमंड किसी बात का नही करना चाहिए में तो ये सिर्फ आपको example दे रहा था।)

लेकिन वो हितेश जब 28 साल का हुआ, और उसने BMW कार लेली तब खुश होगा, अगर वो हितेश 28 साल की उम्र में BMW कार कोई कारण सर नही खरीद पाया तो क्या वो क्या टूट  जाएगा,और बोलने लगेगा की में अपनी जिंदगी में कुछ नही कर पाया नही ना,अगर वो BMW नही ले पाएगा फिरभी वो खुश रहेगा,और अपनी लाइफ मजे से बिताएगा।
वो मयूर पूरी तरह से दुखी होने लगता है,लेकिन मयूर ये नही सोचता कि में BMW कार नही खरीद पाया तो क्या हुआ मेने अपने दम पर बाइक तो खरीद ली। ये मयूर नही सोचता।

भूतो वाली कहानी


बोध ) - आप सपने देखिए,सपने देखने मे कोई
                बुरी बात नही है,लेकिन वो सपना
               आपका पूरा नही हो पाया तो उसे भूल
               जाइये,उसे पकड़ कर मत रखे।आप
              सिर्फ उसीके बारे में सोचने लगते हो
              की में उस काम मे ,में FAIL हो गया अब
             क्या करूँ,बल्कि ये सोचिये की अगर में
             इस तरीके से fail हो गया तो क्या
            हुआ,में किसी और तरीके से इस काम को
            करूँगा।और फिरभी आप बार-बार फैल
            हो रहे हो तो समज लीजिये।
           की हर चीज किसीको नही मिलती।

याद रखिये ताजमहल दुनिया ने देखा मुमताज ने नही।
इसीलिए आपको कोई चीज नही मिलती तो उसके बारे में सोच परेशान मत होना,क्योकि हर चीज,हर इंसान के नसीब में नही होती।

और इसी तरह हमारी motivational story in hindi for success कहानी खत्म होती।
अगली कहानी में हमारी आपके साथ फिरसे मुलाकात होगी तब तक के लिए "अलविदा"

"जय हिंद"

                                       *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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