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Friday, September 6, 2019

inspiration story in hindi || बहोत ही जोरदार कहानी

inspiration story in hindi language


हेलो दोस्तो,आज में आपके लिए बहोत ही बढ़िया  inspiration कहानी लेकर आया हु जिसे पढ़ कर आप हर मुश्केली का सामना कर पाएंगे।

inspiration story in hindi for students start

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 दो मित्र 

ये कहानी है दो लड़के की है,दोनो लड़के गाँव मे रहते थे।दोनो पक्के दोस्त थे,पहेले लड़के का नाम था किसन और दूसरे लड़के का नाम था मयंक,किसन 10 साल का था और मयंक 7 साल का था।यानी कि किसन मयंक से तीन साल बड़ा था।दोनो साथ मे स्कूल जाते थे,साथ मे स्कूल से घर वापस आते थे।दोनो अपने स्कूल के दिन मजे से बिता रहे थें।
फिर दोनों को स्कूल में वेकेशन पड़ जाता है।
और दोनो पूरा दिन घूमते रहते है और मज़े मारते रहते है।

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एक दिन दोनो किसन और मयंक खेलते-खेलते गाँव से बहोत दूर चले जाते है।और खेलते ही खेलते किसन को पता नही चला कि उसके पीछे एक बड़ा सा खड़ा है।और उसमें पड़ जाता है,और चिल्लाने लगता है,की बचाओ कोई बचाओ।
छोटा लड़का यानी कि मयंक सोच रहा था कि किसन को कैसे बचाऊ, उसके आस-पास कोई इंसान भी नही दिख रहा था,फिर मयंक को को एक बाल्टी देखी,और बिना समय गवाएं, वो बाल्टी उस खड्डे में डालता है,जिस खड्डे में किसन पड़ गया था।
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मयंक बोला किसन तुम tension मत लो में तुम्हे कुछ नही होने दूँगा, और वो बच्चा यानिकि मयंक अपनी पूरी ताकत लगा कर किसन को कैसे भी तरह निकाल लेता है।
फिर दोनों गले मिलते है,और रोने लगते है।लेकिन दोनों को एक परेशानी और थी,वो दोनो सोच रहे थे कि अगर हम गाँव मे जाएंगे तो सब लोग डाटेंगे, और सवाल पूछेंगे की ये सब क्या हुआ ,और हम क्या जवाब देंगे।

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वो छोटा लड़का यानी कि मयंक बोला अरे कुछ नही होंगा, फिर दोनों गाँव जाते है।लेकिन ऐसा ही हुआ जो दोनो सोच रहे थे।
किसन और मयंक गाँव पहोचते है,और गाँव वाले दोनो को पूछने लगते है कि,ये क्या हालत हो गई तुम दोनों की और ये सब कैसे हुआ।
किसन बोला में एक बड़े से खड़े में गिर गया था।फिर मुझे इस मयंक ने बचा लिया।

लेकिन गाँव वालों को ये विश्वास नही आ रहा था,की मयंक ने किसन को बचाया क्योकि मयंक यो सिर्फ अभी seven साल का ही है।वो पानी की बाल्टी तक नही उठा सकता और मयंक ने इस किसन को बचाया ,कोई भी गाव वाला किसन की बात पर विश्वास नही कर रहे थे,की
मेरी जान इस seven साल के मयंक ने बचाई है,लेकिन कोई भी गाँव वाला किसन की बात पर विश्वास नही करता और सब गाँव वाले अपने-अपने घर चले जाते है।

लेकिन एक इंसान किसन की बात पर विश्वास करते है,और वो इंसान पूरे गाँव मे सबसे बुजुर्ग इंसान थे,उस इंसान का नाम रहीम चाचा था।
रहीम चाचा ने किसन को पूछा कि बेटा तुम्हारी जान इस 7 साल के लड़के मयंक ने बचाई है।किसन बोला हा रहीम दादा जी मे सच बोल रहा हु,मेरी जान सचमे इसने ही बचाई है।रहीम चाचा फिरसे सभी गाँव वालों को बुलाते है,और बताते है,की सचमे इस किसन जान उसके जिगर जान दोस्त जो सात साल का लड़का था मयंक उसीने बचाई है।
सभी गाँव वाले सोचने लगे कि अगर रहीम
चाचा ये बोल रहे है,मतलब की सोच समझ कर ही बोल रहे होंगे। फिर गाँव वाले रहीम चाचा की बात मानते है।

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Important बात ये नही है कि गाँव वाले सब मान गए कि किसन की जान मयंक ने बचाई है।
Important बात ये है की वो छोटा सा बच्चा जो एक बाल्टी पानी भी नही उठा सकता था। उसने पूरा किसन को खड्डे में से निकाला।

तो पढ़िए ऐसा इसीलिए हुआ कि जब किसन खड्डे में गिरा और चिल्लाने लगा कि बचाओ-बचाओ तब मयंक को ये कहने वाला कोई भी नही था कि "तुम ये नही कर सकते",मयंक के दिमाग मे सिर्फ एक ही बात चल रही थी कि मेरे दोस्त किसन को हर-हाल में मुझे खड्डे से बहार निकालना है।और मयंक ने सफलता पूर्वक किसन को उस बड़े से खड्डे में से निकाल लिया।
मतलब की अब किसन और मयंक को समझ आ गया था,की अगर मुझे कोई ये कहे कि तुम ये नही कर सकते,इसका मतलब दर-असल ये है,की वो इंसान खुदको ही कह रहा है की तुम ये नही कर सकते।इसलिए आपको भी वो काम कर ने से रोक देता है।

लेकिन आपको उस इन्सान बात नही सुननी है,आपको अपने goal पर ही ध्यान देना है,मेरा विश्वास कीजिये आप एक न एक दिन
उस goal को जरूर archive कर पाओंगे।
फिर जो इंसान आपसे कह रहा था,की तुम ये नही कर सकते ,वो एक दिन दूसरे इंसान को बोलेगा की ,ये मेरा दोस्त है,मेरा दोस्त।

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बोध ) - दोस्तो निर्णय लेने से पहले सो बार
              सोचो,अरे सो क्या हजार बार सोचो
              लेकिन आपने निर्णय ले ही लिया है।
              की मुझे किसी भी परिस्थिति में ये goal
              हासिल करना है,मतलब करना है,मेरा 
              यकीन मानिए आप सच मे उस goal
             कुछ महीने या कुछ सालों में हासिल कर
              लेंगे।

 और दूसरी बात ये की आप अपने आप को किसी से भी छोटा मत मानो,क्योकि वो मयंक सिर्फ सात साल का था लेकिन उस मयंक ने हार नही मानी और उससे 3 साल बड़े किसन की जान बचाई।
इसीलिए हमेशा अपने आप को बड़ा ही समजे और ये सोचिये की,अगर वो कर सकता है तो में क्यो नही कर सकता।

और अंत मे दो-चार line कहना चाहूंगा
    "तू डरता क्यो है मुश्किलों से,
     एक बार अपने लक्ष्यों को पाने की,
     कोशिश तो कर,
    क्या पता मुश्केली भी तेरी दोस्त बन जाए।"

अरे मान लिया कि हम अपनी किस्मत के लिए फैसलों को नही बदल सकते,लेकिन आप एक बार कुछ करने का फैसला तो लीजिये क्या पता किस्मत ही बदल जाए।

और इसी तरह हमारी best inspiration story in hindi, और दो-चार अच्छी line लिखने के बाद हमारी
कहानी खत्म होती है।
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अगली बार ऐसीे ही मजेदार कहानी लेकर वापस आऊंगा,औऱ फिर से हमारी आपके साथ मुलाकात होगी।
तब-तक के लिए "अलविदा"

"जय हिंद"

                                                          *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*