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Tuesday, September 3, 2019

ghost story hindi || ghost story in hindi real

ghost story in hindi real

हेलो दोस्तो आज में आपके लिए,एक खतरनाख डरावनी कहानी लेकर आया हु,जिसको पढ़ने के बाद आपको भी डर लगने लगेगा।

Disclaimer - ये स्टोरी सिर्फ काल्पनीय है।
                       इसे दिल पर न ले,ये सिर्फ       
                      मनोरंजन के लिए लिखी गई है।
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ghost house


ghost story in hindi language start

ये बात उस जमाने ने की है,जब एक लड़का और उसके सारे friend college जा रहे थे,उस लड़के का नाम था मयूर। सभी दोस्तो मस्ती करते हुए college जा रहे थे,आज सभी दोस्तों का पहला लेक्चर नही बल्कि पहेली लेब थी,और लैब लेने वाले सिर दो दिन से छुट्टी पर थे।लेकिन मयूर और मयूर के दो-चार दोस्त लैब में जाते है,और कम्प्यूटर शरू करते है,लेकिन एक भी कंप्यूटर शरू नही हुआ।
फिर मयूर और मयूर के सारे दोस्त HOD के पास जाते है और बोलते है कि सर् लैब में एक भी कंप्यूटर शरू नही हो रहा है। HOD बोले ऐसे  कैसे हो सकता है,कल तक तो सभी कंप्यूटर ठीक थे,रुको में आकर चेक करता हूँ।
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friends

फिर HOD और मयूर के दोस्त फिरसे लैब में जाते हैं, लेकिन जब HOD ने कंप्यूटर शरू किया तब तो तुरंत हो गया।फिर HOD बोले कहा खराब है,सब कॉम्प्यूटर ठीक से यो चल रहे है।फिर मयूर ने जूठ बिल दिया कि सोरी सर मेने वो स्विच शरू नही की थी सॉरी।HOD बोले अगली बार से ध्यान रखना ठीक है।मयूर बोला ठीक है सर् मैं अगली बार से धयान रखूंगा।

फिर वहाँसे HOD चले जाते है,मयूर के सारे दोस्त मयूर से पूछते है,की तूने जूठ क्यो बोला तूने वो स्विच start तो की थीं।मयूर बोला जूठ बोलना पड़ा नही बोलता तो डाँटते, लेकिन मेने ये स्विच शरू की तब क्यो कंप्यूटर शरू नही हुआ।फिर मयूर का एक दोस्त बोला,उस दोस्त का नाम अजय था,अजय बोला तुम सब कॉम्प्यूटर पर बेसों में जरा सा हल्का हो कर आता हूं (मतलब की टॉयलेट जाकर आता हूं) ठीक है।मयूर बोला ठीक है,तू इधर आता ही इसलिए है।

बहोत हँसाने वाली कहानी

फर अजय टॉयलेट करने जाता है,और टॉयलेट करके आईने में बाल ठीक करता है,और आईने में देखता है,की उसके पीछे एक इंसान खड़ा जिसके दोनो हाथ नही थे,फिर अजय पीछे घुमके देखता है,तो पीछे कोई भी नही होता है।अजय को लगा ये मेरा भ्रम होगा फिरसे बाल set करने लग जाता है,लेकिन फिरसे आईने वही इंसान दिखता है,जिसका हाथ नही होता था।फिरसे अजय पीछे मुड़ कर देखता है,लेकिन पीछे कोई भी नही होता था।अजय को डर लग गया और तुरन्त मयूर के पास गया,मयूर बोला अरे अजय तुम इतने गभराये हुए क्यो रहे हो क्या हुआ,बताओ,अजय बोला वो टॉयलेट में,मयूर बोला टॉयलेट में क्या अजय।
अजय बोला टॉयलेट में एक बिना हाथ वाला इंसान है।तुम सब चलो मेरे साथ,फिर मयूर और मयूर के दोस्तो अजय के साथ टॉयलेट में जाते है,लेकिन टॉयलेट में कुछ भी नही होता था।मयूर बोला कहा है बिना हाथ वाला इंसान मुजे तो कहि पर भी नही दिख रहा।अजय बोला तुम सब मेरा विश्वास करो मेने यही देखा था, उसको।

मयूर बोला तूने कल कोई भूतो वाली पिक्चर देखली होंगी इसीलिए तुम्हे ये सब व्हेम हो रहा है।फिर अजय ने ये सब व्हेम समझ कर सब भूल गया।
फिर सब दोस्तों college से छूट कर अपने घर वापस जाते है।
और रातको अजय सो नही पाया क्योकि उसको अभी भी वो टॉयलेट वाली घटना को याद करके tension ले रहा था।
फिर दूसरे दिन सब वापस college जाते है,लेकिन अजय की आँखे नींद से भरी हुई थी।
मयूर ने पूछा अरे तुम्हारी आँखे इतनी red कुओ हो गई है,अजय बोला अरे यार में कल पूरी रात सो नही पाया,वो टॉयलेट वाली बात ही याद आ रही थी।मयूर बोला अभी भी तुम इसी बात पर अटके हो वो तुम्हारा व्हेम था और कुछ नही।इतना कह कर सब दोस्तो लेक्चर भरने चले जाते है।
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ghost

फिर ब्रेक में मयूर टॉयलेट जाता है,उसकर साथ भी वही होता है,जो अजय के साथ हुआ था,वो जब आईने के सामने बाल बना रहा था,तभी उसके पीछे बिना हाथों वाला इंसान,मयूर ने पीछे मुड़ कर देखा तो पीछे कोई भी नही था।
मयूर को लगा कि मुझे भी अजय जैसा व्हेम हो रहा है।
मयूर के बाद उसका दूसरा दोस्त टॉयलेट करने को जाता है,और उसके साथ भी sem-to-sem वही घटना होती है जो अजय और मयूर के साथ हुई थी।
फिर वो दोस्त गभराते हुए मयूर के पास आता है,मयूर बोला अरे तुम इतना गभरा क्यो रहे हो,वो दोस्त बोला मयूर टॉयलेट में सचमे बिना हाथों वाला भूत है,मयूर बोला हा जब में भी टॉयलेट करने गया,तो मुझे भी दिखा था,मुझे लगा कि यह मेरा व्हेम होगा,इसलिए मैंने तुम सबको नही बताया।

प्यार में धोखा

फिर मयूर,अजय और उसके सारे दोस्त HOD Sir के पास जाते है,और बोलते है,की sir हम तीनों को टॉयलेट में बिना हाथों वाला इंसान दिखाई देता है। HOD sir को ये बात पहेले से ही पता थी क्योंकि उसके साथ भी ये घटना घट चुकी थी।
फिर HOD ने जूठ बोल दिया कि बच्चों इस कुछ भी नही है तुम्हारा व्हेम होगा, ये सुनके मयूर,अजय और उनके दोस्त वहासे चले जाते हैं।अब HOD सोचते है मुझे इस बात को हल्के में नही लेना चाहिए,मुझे तुरन्त ही इसके बारे में सोचना होगा।

फिर HOD sir college में 3 दिनों के लिए छुट्टी जाहेर कर देते है,और शाम को पंडोट जी के पास जाते है,और बोलते है,की पंडित जी 3,4 दिन से हमारे टॉयलेट में बिना हाथों वाला इंसान दिख रहा है।मुझे भी दिखाई दिया था,मेने सोचा कि मेरा व्हेम होगा,लेकिन ऐसी ही घटना हमारे कॉलेज के बच्चों के साथ भी हुई थी,इसका कोई इलाज पंडित जी।
पंडित जी बोले क्या उस टॉयलेट में किसी का मर्डर हुआ था।HOD sir ने बहोत सोचने के बाद बताया कि,हा पंडित जी आज से लगभग डेढ़-दो साल पहेले एक गुंडा भाग कर हमारे कॉलेज में आ गया था,और पीछे-पीछे पुलिस भी आई थी।वो गुंडा पुलिस से बचने के लिए टॉयलेट में छुप जाता है,लेकिन पुलिस उसको ढूढं निकालती है,और उसका एनकाउंटर कर डालते है,और उस गुंडे के दोनों हाथ भी नही थे।

पंडित जी बोले बस ये वही गुंडा है,जिसका उस टॉयलेट में एनकाउंटर हुआ था, HOD बोले पंडित जी इसका कोई इलाज,पंडित जी बोले इसका सिर्फ एक ही इलाज है,कल सुबह शनि देव के मंदिर जाकर भगवान की पूजा करना,और ये लो भभूत पूजा करने के बाद आप तुरन्त अपने कॉलेज के टॉयलेट में जाना
और ये भभूत पूरे टॉयलेट में छांट देना,इस भभूत को छांट ने के बाद वो आत्मा वहाँ नही रह पाएगी और वो आत्मा इस दुनिया से मुक्त हो जाएगी।HOD बोले पंडित जी कोई परेशानी वाली बात तो नही होगी ना।

पंडित जी बोले ये लो तुम ये ताविज़ भी गले मे पहन लो अब कोई भी परेशानी वाली बात नही होगी,HOD बोले शुक्रिया पंडित जी।

प्रेणादायक कहानी

फिर HOD दूसरे दिन सुबह शनिदेव की पूजा करके कॉलेज जाते है,और टॉयलेट जाकर उधर भभूत छांटने लगते है,और वहा अचानक से वो आत्मा आ जाती है।और HOD को रोकने की कौशिक करती है,क्योकि उस भभूत से उस आत्मा को बहोत ही परेशानी होती थी।लेकिन वो आत्मा HOD Sir का कुछ भी नही बिगाड़ सकी, क्योकी HOD के पास दो सेफ्टी थी
पहेली सेफ्टी तो HOD के पास भभूत थी और दूसरी सेफ्टी ताविज़ था।

HoD सारी भभूत छांट देते है,और कुछ मिनटों के अंदर ही उस आत्मा को शांति मिल जाती है। (यानी कि इस दुनिया से वो आत्मा मुक्त हो जाती है)
फिर कॉलेज भी शरू हो जाती है ठीक से और HOD sir मयूर,अजय और उनके दोस्त को कहते है,की वो आपका व्हेम था,उसके बारेमे ज्यादा मत सोचना ठीक है,मयूर बोला ठीक है सर।
फिर मयूर बाहर जाकर अजय से कहता है,की अजय मेने तुझे बोला था ना ये हमारा व्हेम था।
भूत-बूत जैसी कोई चीज नही होती।
और सब फिरसे मजे से कॉलेज जाने लगते है।
HOD sir भी अब tension मुक्त थे।

और ऐसे ही हमारी हॉरर स्टोरी इन हिंदी खत्म होती है।

अगली कहानी में आप के साथ फिरसे मुलाकात होगी तब तक के लिए "अलविदा"

                      *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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