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Saturday, September 7, 2019

comedy story in hindi || बाथरूम में पानी बंद हो गया

short comedy story in hindi

हेलो दोस्तो,आज में आपके लिए,एक खतरनाख,अफलातून कॉमेडी कहानी लेकर आ गया हूं।

Disclamer - दोस्तो,ये कहानी आप ध्यान से
                             पढियेगा कोई भी line
                             आपको हँसा-हँसा कर पागल
                             कर देंगी।

new comedy story in hindi start


तो हुआ कुछ ऐसा की,ये कहानी है अडोश-पदोश कि एक के घर ब्रश करने के लिए टूथपेस्ट नही होता था,और दूसरे पदोश में किसीको नाहने के लिए कोई बाल्टी नही दे रहा था,और उस सोसायटी का नाम था,
'गई भेश पानी मे" अरे आप हँसिये मत सचमे उस सोसायटी का नाम यही था।
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"गई भेश पानी मे" सोसायटी 

एक बार क्या होता है,"गई भेश पानी" सोसायटी में रहने वाला एक सदस्य दो नम्बर करने जाता है। (दो नम्बर करने जाने का मतलब संडास जाना )उस सदस्य का नाम था
किरण भाई,फिर संडास में होता है,कुछ ऐसा की नल में से पानी आना ही बंध हो जाता है,वो सदस्य तो बेहद ही गुस्सा हो गया,और जैसे-तैसे करके बाथरूम में से निकला, उसका गुस्सा सातमे आसमान था,और वो सदस्य तुरन्त ही "गई भेश पानी" सोसायटी के एक मेव सेक्रेटरी मुकेश भाई चूनालगाने वाले के पास जाता है।
मुकेश भाई चुनालगाने वाले बोले अरे किरण भाई इतनी सुबह-सुबह आइए-आइए बैठिये।
मालती जरा पानी लाना किरण भाई के लिए।
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किरण भाई 

किरण भाई गुस्से में बोले,मुकेश भाई मुझे कुछ नही पीना,और मुझे ये बताएे की अपनी सोसायटी में ये हो क्या रहा है।मुकेश भाई बोले क्यों क्या हो रहा है।किरण भाई बोले मुकेश भाई आज में सुबह संडास जाने गया।मुकेश भाई बोले इसमें tension लेने वाली क्या बात है,में भी सुबह संडास गया था।किरण भाई बोले पहले आप मेरी पूरी बात सुनिए।मुकेश भाई बोले अच्छा सुनाओ।
में आज सुबह संडास करने गया।मुकेश भाई बोले अरे किरण भाई आप एक ही बात कितनी बार बोलेंगे,की आज में संडास गया,पूरी सोसायटी को बताना है,की आप आज सुबह संडास जाने गए थे।
किरण भाई गुस्से में आकर बोले मोहन भाई क्या आप मेरा मजाक बना रहे है,आप मुझे जानते नही।मुझे न्याय नही मिला तो में court का दरवाजा खखड़ाऊंगा।अगर वहाँ भी न्याय नहीं मिला तो में प्रधानमंत्री का दरवाजा खतखटाऊंगा,में अब शांत नही बैठूंगा।

दो प्यार करने वालो की कहानी
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मुकेश भाई चुनालगाने वाले 

मुकेश भाई बोले अरे आप तो बेहद ही गुस्सा हो गए।मालती जरा किरण भाई के लिए पानी का गिलास लाना।किरण भाई आप बताइए एक्जेटली हुआ क्या।किरण भाई बोले अब आप बीचमे मत बोलियेगा।मुकेश भाई चुना लगाने वाले बोले ठीक है,में बीच मे नही बोलूंगा।फिर किरण भाई बोले हुआ कुछ ऐसा की आज में सुबह संडास जाने गया,और last minute में नल में से पानी ही चला गया।मुकेश भाई बोले अच्छा ऐसा हुआ,फिर आप बाहर कैसे आये।किरण भाई बोले वो तो में...
ए तुम्हे क्या काम है,में कैसे भी आया तुम उस परेशानी को तुरन्त ठीक करावो।

मुकेश भाई चुनालगाने वाले बोले mr. kiran sir ये problem "गई भेश पानी" सोसायटी का नही है,ये आपका personal problem है,इसमें में कुछ नही कर सकता।किरण भाई गुस्से में बोले नही कर सकता मतलब तुम "गई भेश पानी" सोसायटी के एक मेव सेक्रेटरी हो।
मुकेश भाई बोले में इस "गई भेश पानी" सोसायटी का सेक्रेटरी हु तुम्हारे घर का नही।
ये सुनके किरण भाई फूल जोश में आ जाते है,और बोले तुम मुझे मेरे घर का नल ठीक नही
करा दोंगे, तो में पुलिस को फ़ोन करूँगा।मुकेश भाई बोले करो फोन तुम्हे जिसे करना है,में किसी से नही डरता। किरण भाई बोले लाओ तुम्हारा फ़ोन।मुकेश भाई बोले में क्यो तुम्हे अपना फ़ोन दु अपने फोन से करो ना कॉल।
किरण भाई बोले मेरे फोन में बैलेंस नही है।
मोहन भाई बोले बैलेंस नही है तो उसमे में क्या करूँ। किरण भाई बोले मुकेश ये फोन मुझे दे दे।मुकेश भाई नही में नही दूंगा।किरण ये फोन मुझे दे दे।मुकेश भाई बोले में अपना फोन तुम्हे हर-हाल में नही दूंगा।

ये कहानी पढ़कर आपके जीवन की हर तकलीफ दूर हो जाएगी |

फिर किरण भाई,मुकेश भाई चुना लगाने वाले को धक्का मार कर फोन ले लेता हैं।और police station फोन करता है,और बोलता है,की हेलो संडास स्टेशन।पुलिस सर बोले क्या बोले तूम।किरण भाई बोले sorry-sorry सर में police स्टेशन ही बोलना चाहता था,गलती से जुबान फिसल गई, सॉरी सर माफ कर दीजिए। पुलिस सर बोले ठीक है आगे से ध्यान रखना और बताओ क्या problem है तुम्हे।
किरण भाई बोले इंस्पेक्टर साहब ये हमारी सोसायटी  का सेक्रेटरी चुना लगाने वाला।पुलिस सर बोले क्या लगाने वाला,किरण भाई बोले इंस्पेक्टर सर ये चुना लगाने वाला।पुलिस सर् बोले ओ अच्छा चुना लगानेवाला उसका क्या।किरण भाई बोले सर ये चुना लगाने वाला मेरे घर के संडास का हल ठीक नही करवा रहा वो हमारी "गई भेश पानी"सोसायटी का एक मेव सेक्रेटरी है,सर आप उसे समजाइये की मेरे घर के संडास का नल ठीक कराके दे।
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police

Police sir गुस्से में बोले अरे चुप ये क्या तुम्हारा personal police station है,क्या इधर ऐसी complain लिखी नही जाती रख फोन तेरी मा का रख।
फिर police sir फोन काट देते है।फिर मुकेश भाई चुना लगाने वाले बोले,क्यो क्या हुआ किरण भाई इंस्पेक्टर सर ने फोन काट दिया ना।किरण भाई बोले इंस्पेक्टर साहब ने फोन काट दिया तो क्या हुआ,में पूरी अपनी "गई भेश पानी"सोसायटी और पूरी दुनिया को बताऊंगा की ये "गई भेश पानी" सोसायटी का एक मेव सेक्रेटरी ये चुना लगाने वाला मेरे संडास में नल ठीक करवा के नही देता।इतना कह कर किरण भाई वहासे चले जाते है और सोसायटी में चिल्लाने लगते है।

भूतो वाली कहानी

तभी वहां चुनालगाने वाले कि पत्नी आती है,और बोलती है,ये लो पानी आपने मंगाया था।मुकेश भाई बोले अरे तुम ये पानी अभी लेकर क्यों आई मेने तुमको पानी लाने के लिए कबसे कहा था,औऱ तुम अभी लेकर आई।
मुकेश भाई बोले अरे अब तुम ये पानी-बानी छोड़ो वो किरण भाई सोसायटी के बीच चिल्ला रहा है।
किरण भाई "गई भेश पानी" सोसायटी के बीचमे आकर बोलते है,कि सुनो गाँव वालों सुनो ये हमारी "गई भेश पानी" सोसायटी का एक मेव सेक्रेटरी चुना लगाने वाला मेरे घर के संडास का नल ठीक नही करवा देता,देखो गाँव वालों देखो।
तभी वहां मुकेश भी चुनालगाने वाला आता है,और बोलता है,अरे क्या कर रहे ही,किरण भाई सोसायटी में अपनी भी कोई इज्जत है।और आप इस तरह सबके सामने मेरी इज्जत उछाल रहे हो।किरण भाई बोले तो फिर तुम मेरे संडास का नल ठीक करवा दो।मुकेश भाई बोले ठीक है,में तुम्हे तुम्हारे संडास का नल ठीक करवा दूंगा ठीक है।किरण भाई बोले तुम्हारे पैसे से।मुकेश भाई बोले हा मेरे बाप में अपनी जेब से तुम्हारे संडास का हल ठीक करवा दूंगा खुश।

खतरनाख कॉमेडी कहानी इसे पढ़कर आप हस-हस कर रो पड़ेंगे|

फिर किरण भाई देखो गाँव वालों हमारी "गई भेश पानी " सोसायटी जैसा सेक्रेटरी भगवान हर सोसायटी को दे।फिर मुकेश भाई सारे "गई भेश पानी " सोसायटी के सदस्य को बोलते है,
की अब आप अपने घर जाइये,यहाँ कोई भंडारा नही है,की सब इकठ्ठे हो गए,जाइये अपने-अपने घर।फिर किरण भाई भी बोलते है,हा जाओ अपने-अपने घर जाओ दोस्तो।

फिर मुकेश भाई चुनालगाने वाला किरण भाई के संडास का नल ठीक करवाता है,और तब जाके किरण भाई को शांति मिलती है।

और आप हा आप ही अकेले-अकेले मत हँसिये अपने सारे दोस्तो को share कर दीजिए ये कहानी market में new है।

और मुझे कमेंट बताइयेगा की आप किसी ऐसे किरण भाई और मुकेश भाई चुनालगाने वाले को जानते है,जो ऐसी छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई जगडा करते है।

और ऐसे ही हमारी best comedy story in hindi खत्म होती है,अगली कहानी में आपके साथ फिरसे हमारी मुलाकात होगी तब तक के लिए "अलविदा"

"जय हिंद"

                                  *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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