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Friday, August 23, 2019

Sad story about love

Sad story about love



Hello Guys,आज में आपके लिए लेकर आया हु,एक Love वाली कहानी।जिसे पढ़ कर आप रोने भी लगेगए 
और आपको पढ़ने में मजा भी आएगा।


Sad story about love start


ये कहानी है,एक परिवार की सब मजे से रह रहे थे। उसमे दो लड़के रह रहे थे,पहेले लड़के का नाम था ऋषि और दूसरे लड़के का नाम था,
महेश,लेकिन जो ये परिवार था वो ऋषि का था,महेश तो ऋषि के फोइ का बेटा था वो उधर
वेकेशन बनाने के लिए अपने मामा के फर आया था।

Sad story about love
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दोनो की उम्र 25 से 26 साल थी।मतलब की दोनो अब शादी करने के लायक हो गये थे।
ऋषि पहेले से ही एक लड़की को पसंद करता था।और वो लड़की भी ऋषि को बहोत ही पसंद करती थी।उस लड़की का नाम था सोनिया।
ऋषि ने सोचा कि क्यो ना में महेश को भी सोनिया से मिलाऊं।
फिर ऋषि,सोनिया फोन करते कहता है,की आज में तुम्हे अपने कजिन भाई से मिलाऊँगा।
तुम शाम को 6 बजे कॉफी शॉप पर आ जाना।
सोनिया बोली ठीक है।फिर ऋषि फोइ रख देता है।

अब ऋषि,महेश के पास जाता है,और बोलता है कि महेश तुझे शाम को मेरे साथ कॉफी शॉप पर आना है।महेश बोला क्यों ,ऋषि बोला आज में तुम्हे अपनी गर्लफ्रैंड के साथ मिलाऊँगा।महेश बोला तो-तो में जरूर आऊंगा।
फिर शाम 6 बजे ऋषि और महेश,सोनिया को
मिलने जाते है।लेकिन महेश को वो सोनिया पहेली नजर में पसंद आ जाती है।थोड़ी देर तीनो से बाते की और कॉफी पी और जब बिल देने की बारी आई तो ऋषि बोला की अरे यार में अपना वॉलेट तो अपने घर पर ही भूल गया।तुम दोनों इधर एक कप कॉफी और पीओ में अपना वॉलेट लेकर आता हूं। महेश अब इसी बात का फायदा उठाता है,और सोनिया से बहोत गहरी दोस्ती बना लेता है।

अब ऋषि जब सोनिया से मिलने जाता था।तब महेश भी साथ आया करता था।कभी-कभी तो महेश,ऋषि से पूछे बिना सोनिया से मिलने जाता था।जब महेश,सोनिया से मिलने ऋषि से पुछे बिना जाता था,तब सोनिया उसे बोलती थी कि तुम रुको में ऋषि को भी फोन करके यहा बुला लेती हूं। लेकिन महेश उसको बहला फुसला कर किसी तरह रोक लेता था।

लेकिन इस बहोत दिनों तक नही चला एक बार सोनिया ने ऋषि को बता ही दिया कि महेश मुझसे बार-बार बिना किसी वजह से मिलने आता रहता है। ऋषि बोला लेकिन महेश मुझे इस बारे में कुछ भी नही बता ता था।सोनिया बोली जब वो मुझे मिलने आता था, तब में महेश को बोलती थी कि तुम रुको में ऋषि को फोन करके हमारे साथ बुला लेती हूं।लेकिन महेश मुझे किसी भी तरह तुम्हे फोन करने से रोक लेता हूं।ऋषि बोला ठीक है में घर पर जाकर अभी उससे बात करता हु।

फिर ऋषि गुस्से से घर जाता है।और महेश से पुछता है,तुम मुझे पूछे बिना सोनिया को मिलने
क्यों जाते थे।महेश बोला अरे मेरे भाई क्या हुआ तुझे इतना परेशान क्यों है।ऋषि बोला बहोत शरीफ होने की जरूरत नही है।मुझे सोनिया ने सब कुछ बता दिया है,की तुम सोनिया से मिलने मुझसे पूछे बिना जाता था।
महेश बोला अच्छा बीटा तुजे पता चल गया तो ये भी सुन की अब में भी सोनिया से बहोत प्यार करता हु।ऋषि बोलै ये लय बकवास कर रहा है,लेकिन सोनिया तुजसे प्यार नही करती ना,
महेश बोलै वो देख लेंगे की सोनिया किस्से प्यार करती है।और इस बात से दोनो के बीच
लड़ाई-जगडा शरू हो जाता है,और सभी परिवार के सदस्य भी आ जाते है।

और परिवार वाले  पूछते है,की क्यो जगड रहे हो तुम दोनों,दोनो ने कुछ भी जवाब नही दिया और घर से भर चले गए।
ये सब बात ऋषि,सोनिया को बताता है।ऋषि बोला अब सिर्फ तुम्हे ये तय करना है कि तुम्हे में पसंद हु या महेश।सोनिया बोली अफ्कोर्स
मुझे तुम ही पसंद हो।सोनिया बोलै अब तुम ये बात अपने घर पर बता दो की हैम दोनो एक दूसरे से प्यार करते है।ऋषि बोला ठीक है,में आज ही अपने मम्मी-पापा को ये बात बता देता हूं।और तुम ये बात अपने मम्मी-पापा को बता देना ,सोनिया बोली ठीक है,मे भी बता दूंगी।

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इतना कह कर दोनो अपने घर चले जाते है।
और ऋषि घर पर पहुचते ही अपने परिवार वोला को इकठ्ठा करता है,और उस time महेश भी फर पर होता है। अब ऋषि अपने मम्मी और पापा से बोला कि में आपका लाडला बेटा हु ना, उसके मम्मी पापा बोले हा हो लेकिन हुआ क्या।ऋषि बोला तो आप मेरी शादी इस लड़की से कर देंगे बहोत की अच्छी लड़की है,और संस्कारी भी है।हम सब को बहोत खुश रखेगी।ऋषि के मम्मी-पापा हस्ते हुए,बोले है ठीक इतनी भी तारीफ मत कर हम तेरी शादी इसी लड़की से कराएंगे खुश।
ये बात सुनकर महेश को बहुत ही जलन हुई क्योकि वो भी सोनिया से प्यार करता था।

अब ऋषि,सोनिया को फोन करता है और बोलता है कि,क्या तुमने हमारे बारे में अपने मम्मी-पापा से बात की सोनिया बोली है मेने की।ऋषि बोला अंकल-आंटी ने ,सोनिया बोली
मेरे मम्मी-पापा को हर ये रिश्ता मंजूर है।ये बात सुन के दोनों बहेद ही खुश हो जाते है।लेकिन इसके पीछे एक खतरा भी था और वो खतरा और कोई नई महेश था।

महेश ने पैसे देकर 10,12 गुंडे खरीद लिए,और जब दूसरे दिन ऋषि ,सोनिया से मिलने जाता है।तब महेश के गुंडे आकर ऋषि को बहोत ही बुरी तरह से मारते है।और तब वहाँ सोनिया आ जाती है।वो गुंडे से request करने लगती है,की please ऋषि को छोड़ दो please, बहोत मारने के बाद गुंडे ऋषि को छोड़ देते थे।
अब सोनिया ,ऋषि से पूछती है,की को थे ये गुंडे,और तुम्हे क्यो मार रहे थे।ऋषि बोला मुझे कुछ भी पता नही है,की को थे ये लोग।
सोनिया बोली ठीक है,तुम अभी जल्दी से हॉस्पिटल चलो।सोनिया ,ऋषि को हॉस्पिटल ले जाति है।और ऋषि के परिवार को फोन कर देती है।और ऋषि के परिवार तुरन्त ही हॉस्पिटल आ जाते है और सोनिया को पूछने लगते है,की क्या हुआ बेटा ऋषि को किसने मारा।

सोनिया बोली अंकल कुछ पता नही है मुझे की,वो गुंडे ऋषि को क्यो मार रहे थे।ऋषि को भी ये पता नही है कि वो गुंडे कोन थे।तभी डॉक्टर बहार आते है और बोलते है,की अब ऋषि normal है,आप मिलना चाहे तो मिल सकते है।
सोनिया और ऋषि के मम्मी-पापा रुषि से मिलने जाते है। और ऋषि के हालचाल पूछते है।ऋषि बोला अरे में ठीक आप सब tension मत लीजिये।फिर ऋषि के मम्मी ऋषि को हँसाने के लिए बोलते है कि,ऋषि तेरी पसंद तो बहोत ही अच्छी है।फिर दोनों को आशीर्वाद देते है।

लेकिन महेश अभी भी खुश नही था उसको सोनिया हर हाल में चाहिए थी।ऋषि को ये पता था कि ये सब महेश ने ही किया है।फिर ऋषि हॉस्पिटल से छूटने के बाद महेश से मिलता है।और बोलता है, की मुझे पता है,की ये सब तुम ही करवा रहे हों ये  सब रोक दो वरना में पूरे परिवार को बता दूंगा।महेश बोला ठीक है तू सोनिया को छोड़ दे में ये सब छोड़ दूंगा।ऋषि बोला मेने तुझे पहेले भी बताया था और अब भी बता रहा हु सोनिया मेरी थी,मेरी है,और हमेंशा मेरी रहेंगी समझे।
और तुम्हारी इस करतुत के बारे में सबको बताने जा रहा हु।

ऋषि अपने परिवार को इकठ्ठा करता है।और बोलता है कि आप जानना चाहते है कि मेरी ये हालत किसने की है।परिवार वाले बोले हा हमे जानना है,किसने की तुम्हारी ये हालात।ऋषि बोला तो सुनो मेरी ये हालत करने वाला और कोई नही ये महेश है।परिवार वाले बोले महेश ये सब तूने किया।महेश बोला नही मामा मेने कुछ नही किया ऋषि जूठ बोल रहा है।ऋषि गुस्से में बोला जूठ में नही जूठ तुम  बोल रहे हो।
फिर महेश रोते हुए,जोर से बोला है हा ये सब मेने ही किया हैं।ऋषि के परिवार वाले बोले तुमने ये सब क्यो किया,महेश बोला क्योकि में भी सोनिया से बेहद ही प्यार करता हूँ।ऋषि बोला लेकिन सोनिया तुम्हे बिल्कुल पसंद नही करती।
महेश बोला मुझे पता है,सोनिया मुझसे प्यार नही करती ,मेरा प्लेन यह था कि में तुम्हे पिटवा कर तुम्हारा हाथ या पेर पूरी तरह से तोड़ दु।फिर सोनिया तुमसे प्यार नही करेंगी,फिर वो मुझसे प्यार करने लगेगी और हम दोनों शादी कर लेंगे,लेकिन ऐसा नही हुआ।

फिर ऋषि के पापा महेश को जोर से एक थप्पड़ मारते है,और बोलते है कि निकल जा मेरे घर से फिर महेश ऋषि के पापा से माफी मांगता है please मुजे मत निकालिये इस घर से में सोनिया के प्यार में अंधा हो चुका था।लेकिन मुझे अब पता चल गया कि प्यार को खरीदा नही जा सकता,प्यार तो सिर्फ किया जा सकता है। please  आप मुझे माफ़ कर दीजिए,फिर ऋषि बोला पापा माफ कर दीजिए।
उसको अपनो गलती का एहसास हो चुका है।फिर ऋषि के पापा महेश को माफ कर देते है।और महेश,ऋषि से माफी मांगता है।और ऋषि भी महेश को माफ कर देता है।

अब दूसरे दिन ऋषि,सोनिया से मिलने जाता है।और ये पूरी कहानी बताता है ,तभी वहाँ महेश आ जाता है,तभी ऋषि बोला तू इधर क्यों आया।महेश बोला में तो सिर्फ सोनिया से माफी मांगने के लिए आया हूँ की सोनिया मुझे माफ़ कर दे।सोनिया भी महेश को माफ कर देती है,और बोलती है कि कभी भी दो प्यार करने वाले लोगो को बिछाड़ते नही है,ये बात हमेशा याद रखना।महेश बोला ठीक है,इतना कह कर वो वहासे चला जाता है।

और सब  फिरसे  पहेले की तरह खुश-खुशाल
जीवन बिताने लगते है।और ऋषि और सोनिया की शादी भी अच्छी तरह से हो जाती है।
और महेश,सोनिया को अपनी बहन बना लेता है,और अपने हाथ पर राखी बंधवा लेता है।
और महेश,सोनिया को वचन देता है,की में प्यार करने वालो की इज्जत करूँगा कभी भी में उसमे दखल नही दूंगा।

और ऐसे ही हमारी Sad story about love खत्म होती है।

अगली पोस्ट में फिरसे मिलेंगे,तबतक के लिए
दुआ में याद रखना।

                                             *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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