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Sunday, August 25, 2019

Ghost story in hindi || डरावनी कहानी

Ghost story in hindi

Hello Friends,आज में आपके लिए एक भूतो वाली कहानी लेकर आया हु जिसको पढ़ कर आपको डर भी लगेगा और आपको पढ़ने में मजा भी आएगा।

Disclaimer - ये स्टोरी सिर्फ काल्पनीय है।
                       इसे दिल पर न ले,ये सिर्फ     
                      मनोरंजन के लिए लिखी गई है।
Ghost story in hindi
ghost house

Ghost story in hindi start

ये कहानी है,एक परिवार कि उस परिवार में पिछले एक महीने से कुछ अजीबो-गरीब घटना ए घट रही थी।जैसे कि रातको जोर-जोर से किसी का रोना,और रातको 2 या 3 बजे कोई घर पर आकर दरवाजा खटखटाना और कोई दरवाजा खोले तो बाहर कोई भी नही होता था।
ऐसी अजीबो-गरीब घटना है,घट रही थी।
एक दिन सारे परिवार वाले को किसी की शादी में जाना था।इसीलिए सब लोग तैयार हो गए।
और जैसे ही वी परिवार वाले  अपने शहेर
से बाहर निकले वैसे ही उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है।और परिवार के एक
सदस्य की मौत हो जाती है।फिर वो परिवार वाले वापस अपने घर पर आ जाते है,और घर पर आते ही देखते है कि,उनके घर का ताला टूटा हुआ था।और घर के सारे कपडे जल रहे थे।

फिर जलते हुए,कपड़े पर पानी डाल कर उन्हें जलते हुए रोका।फिर सारे परिवार वाले जमा होकर ये सोचते है कि हमारे साथ ये सब हो क्या रहा है।तभी परिवार का एक सदस्य बोला कि मुझे तो यह भूत-प्रेत की घटना लग रही है।अचानक से रातको किसी का रोना,और हमारी गाड़ी का एक्सीडेंट होना,और हमारे सारे कपड़े का जल जाना।मुझे लगता है कि हमारे घर पर किसी आत्मा की नजर आ गई है।ये बातको
परिवार ने हल्के में नही ली।और तुरन्त ही solution ढूंढने लगते है।

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फिर वो परिवार वाले अपने घर के पास रहने वाले पंडित जी के पास जाते है,और ये पूरी बात बताते है।और पंडित जी बोले ये वाकई में
आत्मा वाली बात है,इस बात को आप हल्के में न ले।परिवार वाले बोले पंडित जी इसका कोई solution है,तो बताइए।पंडित जी बोले इसका निवारण अवश्य है।इस शहेर के बहार एक इंसान का घर है, और उस इंसान का नाम मोहन भाई है।मोहन भाई एक बहोत बड़े तांत्रिक है,उन्होंने अच्छी-अच्छी आत्मा ओ को अपने वष में कर रखा है।वो आपकी सहायता जरूर करेंगे।परिवार वाले बोले धन्यवाद पंडित जी हमारी सहायता करने के लिए।

फिर दूसरे दिन सुबह परिवार के दो लोग उस शहेर में जाने के लिए निकल जाते है जहाँ मोहन भाई रहते थे।लेकिन हुआ कुछ ऐसा जैसे ही वो परिवार के दो सदस्य ने अपना शहेर पार किया वैसे ही उनका एक्सीडेंट हो गया ,लेकिन ईश्वर की दया से वो दोनो सदस्य बच जाते है।और किसी जगह से आवाज आने लगती है,की
में तुम्हे और तुम्हारे परिवार को ये शहेर पार करने नही दूंगी।और में एक के बाद एक सबको मार डालूँगी फिर वो आत्मा जोर जोर से हसने लगती है,वो दो लोग बोले लेकिन तुम हमारे परिवार से चाहती क्या हो।वो आत्मा बोली में तुम्हारे परिवार से सबकी मौत चाहत्ती हु।बस इतना कह कर वो आत्मा वहा से गायब हो जाती है।

फिर वो दो परिवार के सदस्य तुरन्त ही अपने घर पर आते है।और तुरन्त उस पंडित जी के पास जाते है और ये पूरी कहानी बताते है,की हमारे साथ ये सब हुआ पंडित जी ने कहा।
में तुम दोनों को एक-एक ताविज़ देता हूं, जिसको पहनकर कर वो दुष्ट आत्मा तुम दोनों को छू नही पाएगी, फिर वो दोनो पंडित जी को शुक्रिया कहते है।और वहासे अपने घर पर चले जाते है।घर पर पहोचते ही वो दो लोग अपने पूरे परिवार को ये सब बात बताते है कि,हम दोनों को पंडित जी ने ये एक ताविज़ दिया है जिसे पहनकर वो आत्मा हमे छू भी नही सकती।

Ghost story in hindi
Ghost


फिर अगले दिन सुबह फिर से वो दोनो सदस्य
मोहन भाई तांत्रिक के शहेर जाने के लिए रवाना हो जाते है।और वहा फिरसे पहेले की तरह ही होता है,जैसे वो दो सदस्य अपने शहेर से बाहर जाते है,वहा फिरसे वो आत्मा आ जाती और दोनो सदस्यों को रोकने की कोशिश
करती है,लेकिन वो आत्मा इन दोनों सदस्यों को रोक नही पाती क्योकि उन दोनों ने ताविज़ धारण किया था,लेकिन उन दोनों की किस्मत
खराब थी उन दोनों का एक्सीडेंट हो जाता है।
और दोनो में से एक सदस्य का वो ताविज़ कहि
पर गुम हो जाता है,वहाँ अचानक आत्मा आकर उसे पूरी तरह से मार डालती है।बदनसीब से पहला सदस्य उसे बचा भी न शका। और पहेले सदस्य को वो आत्मा हाथ भी नही लगा सकती क्योंकि उसके पास वो ताविज़
था।

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वो सदस्य तुंरत ही वहासे निकल जाता है।और
मोहन भाई तांत्रिक के पास पहोच जाता है।और ये पूरी कहानी बताता है। ये सब बातें सुन कर
मोहन भाई तांत्रिक बोले इसके दो निवारण है पहला निवारण ये है कि उस आत्मा को जो कुछ भी चाहिए वो आपके परिवार को देनी पड़ेगी।
और दूसरा निवारण ये है कि उस आत्मा को में अभी यहा पे बुलाता हु और उसको पूरी तरह से अपने वष में कर लेता हूं,फिर वो आत्मा आपके
परिवार को परेशान नही करेगी।वो सदस्य बोला मोहन भाई आप दूसरा निवारण ही शरू कीजिये।

मोहन भाई बोले लेकिन दूसरे निवारण में आपके परिवार के सभी सदस्यों का होना बहोत
ही जरूरी है।इसके बिना दूसरा निवारण शक्य
नही हो पायेगा।वो सदस्य बोला ठीक है में अपने सारे परिवार को बुला कर कल फिरसे आऊंगा लेकिन एक बहोत बड़ी समस्या है।
मिहान भाई तांत्रिक बोले क्या समस्या है।
वो सदस्य बोला समस्या ये है कि वो आत्मा हमे हमारे शहेर से बाहर नही जाने देती जैसे ही हम
अपने शहेर से बहार निकले वैसे ही वो आत्मा हमे किसी भी तरह मार डालती हैं।
में यहाँ इसीलिए आ पाया क्योकि मेने ये ताविज़ पहना है।ये ताविज़ मुझे हमारे पंडित जी ने दिया था।

ये बात सुनकर मोहनभाई बोले ठीक है तुम जब काल मेरे पास तुम्हारे परिवार को लेकर आओ तब ये भभूत अपने सिर पर लगा देना इसको लगा देने के बाद वो आत्मा आपका ऑयर आपके परिवार का बाल की बाका नही कर पाएगी।फिर वो सदस्य मोहन भाई को शुक्रिया कह कर वापस अपने शहेर जाने के लिए निकल जाता है।

शहेर वापस जाते है,वो सदस्य को फिरसे उस आत्मा का सामना करना पड़ा लेकिन वो आत्मा उस सदस्य का कुछ भी नही बिगड़ शकी क्योकि उसके पास ताविज़ बजी था और भभूत भी थी।

फिर वो सदस्य घर पहोचता है,सभी परिवार वाले बोले तुम यहाँ दो लोग गए थे फिर अकेले क्यों आये,वो सदस्य रट हुए बोला उसको उस दुष्ट आत्मा ने मार डाला,ये सुन कर पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया था।फिर वो सदस्य ने जो मोहन भाई तांत्रिक के साथ जो कुछ भी बात की थी वो बात अपने परिवार को बताई।
और सारे परिवार वाले वो सदस्य के साथ मोहन भाई तांत्रिक के पास जाने के लिए तैयार हो जाते है।

फिर दूसरे दिन परिवार के सभी सदस्य अपने सिर पर जो मोहन भाई ने जो भयभीत दी थी वो लगा कर मोहन भाई के पास जाने के लिए
निकल जाते है।लेकिन फिरसे वैसा ही हुआ जैसा पहेले हुआ था।अपना शहेर क्रॉस करते ही वो आत्मा फिरसे आ गई और पूरे परिवार को खत्म करने की कोशिश है,लेकिन वो आत्मा उस परिवार को खत्म नही कर शकी क्योकी उस परिवार ने अपने सिर पर भभूत लगा कर रखी थी।

अब वो परिवार जैसे तैसे करके मोहन भाई तांत्रिक के घर पहुचते है। और परिवार का सदस्य बोलता है कि में अपने पूरे परिवार को लेकर आपके पास आ गया हूं,अब आप उस आत्मा को भगाने का काम शरू कर दीजिए।
मोहन भाई बॉलर ठीक पहेले आप सब ये भभूत अपनर सिर पर ठीक से लगा लीजिये,जिसकी वजह से वो आत्मा आपको छू नही सकती।फिर परिवार वाले ने अच्छी तरह से अपने सिर पर भभूत लगादी।

फिर वहां भी ने आत्मा को बुला ने की विधियां शरू कर दी और कुछ समय के बाद वहाँ वो आत्मा प्रगट होती है।और मोहन भाई उस आत्मा से पूछते है कि क्यो इन लोगो को परेशान कर रही है,वो आत्मा बोली क्योकि इन परिवार वालो ने मेरे बाप को मारा था।इसीलिए में इन सबको मार डालूंगी।परिवार वाले बोले हमने कब तुम्हारर पिताजी को मारा।वो आत्मा बोली पता है मेरे पिताजी तुम्हारेे घर पर काम करते थे,और एक दिन मेरे पिताजी ने तुम्हारे घर से कुछ गहने चुराए थे,और तुम लोहा ने मेरे पिताजी को पुलिस  के हवाले लर दिया,और उस पुलिस वाले ने मेरे पिताजी का एनकाउंटर
कर दिया।इसीलिए में तुम सबको एक एक करके मार डालूंगी।

मोहन भाई तांत्रिक बोले अगर तुम इन सबको मार दोनगी फिर चली जाएंगी ना,वो आत्मा बोली में इन सबको मार कर चली जाऊंगी।मोहन भाई बोले इन सबको मारने में ,में तुम्हारी मदद करूँगा,तुम पहेले इस बोतल में चली जाओ,वो आत्मा बोली में नही जाऊंगी इस बोतल में,फिर मोहन भाई कैसे भी करके उस आत्मा को बोतल में बंध कर देते है।और उस बोतल को आग में जला देते है,और उसमें बंध
आत्मा भी जल कर राख हो जाती है।फिर मोहन भाई कुछ मन्त्र का उपयोग करके उस आत्मा को हमेशा के इस दुनिया से मुक्त कर देते है।

फिर मोहन भाई उस परिवार वालो को बोलते है,की अब आप सुरक्षित है,अब आपको वो आत्मा परेशान नही करेंगी मेने उस आत्मा को इस दुनिया से मुक्त कर दिया है।
ये सुनते ही परिवार के सभी सदस्य खुश हो जाते है।
और पहेले की तरह अपना सुखी जीवन बिताने लगते है।
मतलब की अब पूरा परिवार खुश था,अब सब मज़े से रहने लगते है।

और इसी तरह हमारी Ghost story in hindi वाली कहानी खत्म होती है।

अगली कहानी में फिर मिलूंगा "तब तक के लिए दुआ में याद रखना"।

                         *कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद*

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